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Kapeesh
गुरुवार, 1 जुलाई 2021
परिवर्तन ही जीवन है
शनिवार, 12 जून 2021
बचपन की यादें
जिससे जुड़ी है सबकी जिन्दगानी।
बचपन की जो याद दिलाए,
दादी एक कहानी सुनाए।।1।।
एक लोरी की धुन थी अच्छी,
जो लगती थी एकदम सच्ची।
जिसे सुनकर हम सो जाते,
अच्छे सपनो मे खो जाते।।2।।
सभी थे समझाने वाले,
रूठने पर मनाने वाले।
जब कोई मारने आते,
मां के पास हम छुप जाते।।3।।
न कोई था रोकने वाला,
न कोई था रूठने वाला।
सब गोद मे थे उठाते,
बाबू लल्लू कह के बुलाते।।4।।
थोड़ी सी जो भूल हो जाती,
मां प्यार से थी समझाती।
पापा जब बाहर से आते,
खाने के लिए बिस्कुट थे लाते।।5।।
Written by
कपीश कुमार
(Kapeesh Kumar)
रविवार, 23 मई 2021
वही देश है मेरा पहचान
जिस धरती की सुन्दर पानी,
सभी की जिससे है जिन्दगानी।
जहां पर सब रहे एकसाथ,
वही देश है मेरा पहचान।।1।।
हवा जहां का शुद्ध शीतल है,
जहां पर झरने की कल-कल है।
चिड़ियों की जहां मधुर आवाज,
वही देश है मेरा पहचान।।2।।
भेदभाव सब के अन्दर है,
फिर भी बधे एक बन्धन में।
जहां पर सब है एक समान,
वही देश है मेरा पहचान।।3।।
जहां पर हर त्योहार होते है,
सभी लोग खुशहाल होते है।
अतिथो का जहां होता है सम्मान,
वही देश है मेरा पहचान।।4।।
सरल स्वभाव सभी के मन है,
करते प्रेम सभी है धन से।
पैसों के खातिर लेते जहां जान,
वही देश है मेरा पहचान।।5।।
Written by
Kapeesh Kumar
मंगलवार, 18 मई 2021
ईंसान बनेंगे
न हिन्दू बनेंगे,न मुस्लमान बनेंगे।
ईंसान के औलाद है, ईंसान बनेंगे।।
करेंगे सेवा देश की, उमंग मन में डाल के।
दुनिया में नाम करेंगे, कर्तव्य अपना मान के।।
सजाके अपने देश को, रखेंगे हम सम्भाल के।
मर जाएंगे भले ही, भारत माता के नाम पे।।
करेंगे ऐसा काम,न किसी से डरेंगे।
ईंसान के औलाद है, ईंसान बनेंगे।।
Written by
Kapeesh Kumar
शनिवार, 15 मई 2021
कोरोना वायरस
2020 की एक कहानी,
सुन कर मन मे हो हैरानी।
चली एक ऐसी वायरस,
जिससे बढ़ी बहुत परेशानी।।1।।
नाम कोरोना उसका था,
जो करता था मनमानी।
सोच मे थे देश के वासी,
लक्षण इसका सिर्फ था खाशी।।2।।
जुकाम बुखार जो आता था,
कोरोना चेक किया जाता था।
चीन का आविष्कार था ऐसा,
ईलाज मे लगे बहुत ही पैसा।।3।।
भयभीत बनाता था सबको यह,
नजदीकियों से बढ़ता था यह।
पीएम-सीएम परेशान थे इससे,
मजदूर अधिक मरते थे जिससे।।4।।
फिर पैदल यात्रा शुरू हुए,
काम-काज भी बन्द हुए।
स्कूल छात्र भी हुऐ परेशान,
पीछड़ गया उनका इक्जाम।।5।।
नवम्बर मे खुली स्कूल,
बन्द हुए जनता कर्फ्यू।
आई 2021 की बात,
फिर से कोरोना की आई बारात।।6।।
फिर कर्फ्यू का हुआ ऐलान,
दिखा रही है कोरोना शान।
भूख से मरते गरीब-किसान,
कौन बचाए किसकी जान।।7।।
छुआ छूत से बढ़ी बिमारी,
बन्द हो गई सबकी दुकानदारी।
लोग अगर इस समय मर जाए,
कोई उन्हें न हाथ लगाए।।8।।
लाशो से सब दूर हो जाए,
JCB से उन्हें दफनाए।
ऐसी समय गई है आई,
दूर-दूर रहे परिवार व भाई।।9।।
कोई उपाय समझ न आए,
तब पीएम लॉकडाउन लगवाए।
वाह विज्ञान तेरी अजब कहानी,
तेरे वजह से बढ़ी परेशानी।।10।।
Writer
कपीश कुमार (क्रिंत कुमार)
Kapeesh Kumar
शुक्रवार, 14 मई 2021
बुद्धा को प्रणाम करे
एक देश भक्त एक राज भक्त,
जो देवो के अवतार हुए।
ऐसे परमारथ बुद्धा को,
हम सत-सत प्रणाम करे।।1।।
ये बीर पुरूष बलवान रहे,
सब लोगो के जो शान रहे।
जो राज पाठ को त्याग कर,
तप के लिए वनवास रहे।।2।।
जाति धर्म की लगी आग जहां,
वहा पर शीतल छांव बने।
जहां होते थे हरपल झगड़े,
वहां वे बन के ढाल रहे।।3।।
बुद्ध हमारे शान बने,
हम पीछड़ो के पहचान बने।
सब एक ही जन है दुनिया मे,
इसी शब्दों का पालन करे।।4।।
न भेदभाव हो हमारे मन मे,
हम मिलकर एक ही साथ रहे।
सेवा की भाव हो मन मे,
तो भारत देश महान बने।।5।।
ऐसे परमारथ बुद्धा को, हम सत-सत प्रणाम करे।।।।
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Kapeesh Kumar, krint kumar
मंगलवार, 4 मई 2021
हमारी प्रीय शाली(part 4)
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Kapeesh Kumar
सोमवार, 3 मई 2021
हमारी प्रीय शाली(part 3)
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Kapeesh Kumar
बुधवार, 17 मार्च 2021
हमारी प्रीय शाली(part 2)
मंगलवार, 16 मार्च 2021
भारत देश हमारा है
मौसम है यहाँ प्यारी-प्यारी,
भारत देश हमारा है॥2॥
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Kapeesh Kumar
सोमवार, 4 जनवरी 2021
हमारी प्रीय शाली( Part 1)
सुना भईया एक कहानी है,
कहानी बहुत पहचानी है।
हम बड़के भईया के साथ गयन,
भईया के शादी के बात किहन।।1 ।।
भउजी गेट पर खड़ी रही है,
थाली मे मिठाई धरी रही।
हम देखी अपने शाली के ,
शाली दुआर पर खड़ी रही।।2 ।।
हम गयन अच्चके मे देखा,
शाली हमरे मुस्काय पड़ी।
हम जाना दूसरे के देखिए,
पर हँस के बतलाय पड़ी। ३ ।।
दिलवा हमार धक-धक कईके,
अचके मे शान्त जब भवा।
जईसे सोचन कुछ बोली हमहू,
तब तक फलनवा आय गवा।।4 ।।
उ हमका बोलाय लिहिस,
हम फिर अंदर चला गयन।
भइया हमके तिरछा देखिए,
हम डर के पीछे खड़ा भयन ।5 ।।
शाली हमरे हुशियार रही,
पन्ना मे नम्बर लिख फेकिन।
हम चुपके से नीचे झूकेन,
तइसे भउजी बोलाय लिहिन ।।6 ।।
फस गयन हम बड़े दुविधा मे,
अब सोची हमने कहा जईबे
भउजी से अगर मिलब हमहू,
तो शाली के पर्चि गवा देबे।।7 ।।
Written by
Kapeesh Kumar
कविता
पूरब से जब सुरज आता है,
पूरब से जब सुरज आता है, ☀☀ सब के मन को बहुत ही भाता है। चिड़िया की चह चह सुन कर के, सब जग तब उठ जाता है।।1।। चलती है हवाएं प्यारी प्यारी, ...
हमारी प्रिय शाली
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सुना भईया एक कहानी है, कहानी बहुत पहचानी है। हम बड़के भईया के साथ गयन, भईया के शादी के बात किहन।।1 ।। भउजी गेट पर खड़ी रही है, थाली मे ...
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भारत देश हमारा है, कितना प्यारा-प्यारा है। भिन्न है इसके जन की भाषा, भिन्न है धर्म और अभिलाषा। भिन्न सभी की नारा है भारत देश हमारा ह...
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ज़िन्दगी जो सब से प्यारी, सबको देती है खुशहाली। दुःखो में जो राह बताए, वही परिवर्तन जीवन कहलाए।।1।। शुकून मन और शान्त बनाए, हर पल एक उमंग द...
