Kapeesh

सोमवार, 31 जनवरी 2022

पूरब से जब सुरज आता है,

 पूरब से जब सुरज आता है,

☀☀

सब के मन को बहुत ही भाता है।


चिड़िया की चह चह सुन कर के,


सब जग तब उठ जाता है।।1।।



चलती है हवाएं प्यारी प्यारी, 


सबको देती है खुशहाली।


मम्मी जी खाना है पकाती,


मुन्ना कहके दादी बुलाती।।2।।



दादा जी का अलग अंदाज,


मूछ है लंबी सफेद है बाल।


मुझसे बहुत है प्यार जताते,


बिस्किट लाकर रोज खिलाते।।3।।


    Written by

    Kapeesh Kumar




कविता

पूरब से जब सुरज आता है,

 पूरब से जब सुरज आता है, ☀☀ सब के मन को बहुत ही भाता है। चिड़िया की चह चह सुन कर के, सब जग तब उठ जाता है।।1।। चलती है हवाएं प्यारी प्यारी,  ...

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