मंगलवार, 4 मई 2021

हमारी प्रीय शाली(part 4)

‌आयन उठावे जब फोनवा,

तब तक फोनवा कट गवा।

सोचेन की फोन मिलायी हम,

तइसे बैलेंस खतम भवा।।16।।


प्यार तो बढ़ा बहुत ज्यादा,

फिर एक बात हम ठान लिहन।

बैलेंस करावे के खातीर,

फलाने से पैंसा उधार लिहन।।17।।


फिर गयन करावे हम बैलेंस, 

बैलेंस भी सक्सेजफुल भई।

फिर किहन फोन शाली लगे,

शाली जब हमके भूल गई।।।18।


बोलिन के तुम बोल रहे,

हम आपन नाम बताय दिहन।

पछिन का हाल है तुमरे,

हम आपन हाल बताय दिहन।।19।।


फिर कुछ दिन तक चली बात,

बातो मे समय बिताइत हैं।

शाली हमरे बहुते प्यारी,

उनसे हम प्यार जताइत हैं।।20।। 

          Written by

  Kapeesh Kumar


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