चढ़ गवा लवेरिया मूड़ी पर,
अब सोच भी हमसे दूर भवा।
चाहत के काटा अस चूभा,
जानव दिलवा के लय गवा।।11 ।।
अब हर पल उनके याद में,
आपन समय बिताइत हैं।
खाना भी अच्छा ना लागे,
पानी पीके रह जाइत हैं।।12।।
फिर किहन फोन हम एक दिना,
शाली जब घूमे गांव गयी।
उठाइन फोन उनके मम्मी,
सोची अब हमहू काव कही।।13 ।।
फिर हाल-चाल भवा फोने पर,
कउनो तरह से बात कीहन।
पुछिन भईया कहा है तोहरे,
बाहर गए हम बताय दिहन।।14 ।।
लग गवा है झटका हमरे दिल पर,
चाहत भी अब भूल गई गयन।
शाली जब हमरे फोन कीहिन,
तब तक हम फोन से दूर गयन।।15।।
Written by
Kapeesh Kumar
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