जिस धरती की सुन्दर पानी,
सभी की जिससे है जिन्दगानी।
जहां पर सब रहे एकसाथ,
वही देश है मेरा पहचान।।1।।
हवा जहां का शुद्ध शीतल है,
जहां पर झरने की कल-कल है।
चिड़ियों की जहां मधुर आवाज,
वही देश है मेरा पहचान।।2।।
भेदभाव सब के अन्दर है,
फिर भी बधे एक बन्धन में।
जहां पर सब है एक समान,
वही देश है मेरा पहचान।।3।।
जहां पर हर त्योहार होते है,
सभी लोग खुशहाल होते है।
अतिथो का जहां होता है सम्मान,
वही देश है मेरा पहचान।।4।।
सरल स्वभाव सभी के मन है,
करते प्रेम सभी है धन से।
पैसों के खातिर लेते जहां जान,
वही देश है मेरा पहचान।।5।।
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