न हिन्दू बनेंगे,न मुस्लमान बनेंगे।
ईंसान के औलाद है, ईंसान बनेंगे।।
करेंगे सेवा देश की, उमंग मन में डाल के।
दुनिया में नाम करेंगे, कर्तव्य अपना मान के।।
सजाके अपने देश को, रखेंगे हम सम्भाल के।
मर जाएंगे भले ही, भारत माता के नाम पे।।
करेंगे ऐसा काम,न किसी से डरेंगे।
ईंसान के औलाद है, ईंसान बनेंगे।।
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