Kapeesh

मंगलवार, 18 मई 2021

ईंसान बनेंगे

 न हिन्दू बनेंगे,न मुस्लमान बनेंगे।

ईंसान के औलाद है, ईंसान बनेंगे।।

करेंगे सेवा देश की, उमंग मन में डाल के।

दुनिया में नाम करेंगे, कर्तव्य अपना मान के।।

सजाके अपने देश को, रखेंगे हम सम्भाल के।

मर जाएंगे भले ही, भारत माता के नाम पे।।

करेंगे ऐसा काम,न किसी से डरेंगे।

ईंसान के औलाद है, ईंसान बनेंगे।।


     Written by

    Kapeesh Kumar


कोई टिप्पणी नहीं:

कविता

पूरब से जब सुरज आता है,

 पूरब से जब सुरज आता है, ☀☀ सब के मन को बहुत ही भाता है। चिड़िया की चह चह सुन कर के, सब जग तब उठ जाता है।।1।। चलती है हवाएं प्यारी प्यारी,  ...

हमारी प्रिय शाली