2020 की एक कहानी,
सुन कर मन मे हो हैरानी।
चली एक ऐसी वायरस,
जिससे बढ़ी बहुत परेशानी।।1।।
नाम कोरोना उसका था,
जो करता था मनमानी।
सोच मे थे देश के वासी,
लक्षण इसका सिर्फ था खाशी।।2।।
जुकाम बुखार जो आता था,
कोरोना चेक किया जाता था।
चीन का आविष्कार था ऐसा,
ईलाज मे लगे बहुत ही पैसा।।3।।
भयभीत बनाता था सबको यह,
नजदीकियों से बढ़ता था यह।
पीएम-सीएम परेशान थे इससे,
मजदूर अधिक मरते थे जिससे।।4।।
फिर पैदल यात्रा शुरू हुए,
काम-काज भी बन्द हुए।
स्कूल छात्र भी हुऐ परेशान,
पीछड़ गया उनका इक्जाम।।5।।
नवम्बर मे खुली स्कूल,
बन्द हुए जनता कर्फ्यू।
आई 2021 की बात,
फिर से कोरोना की आई बारात।।6।।
फिर कर्फ्यू का हुआ ऐलान,
दिखा रही है कोरोना शान।
भूख से मरते गरीब-किसान,
कौन बचाए किसकी जान।।7।।
छुआ छूत से बढ़ी बिमारी,
बन्द हो गई सबकी दुकानदारी।
लोग अगर इस समय मर जाए,
कोई उन्हें न हाथ लगाए।।8।।
लाशो से सब दूर हो जाए,
JCB से उन्हें दफनाए।
ऐसी समय गई है आई,
दूर-दूर रहे परिवार व भाई।।9।।
कोई उपाय समझ न आए,
तब पीएम लॉकडाउन लगवाए।
वाह विज्ञान तेरी अजब कहानी,
तेरे वजह से बढ़ी परेशानी।।10।।